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अपनों की कुटिया

Apno Ki Kutiya

स्थापना: 16 मई 2024  ·  Est. May 16, 2024

साधक हेतु नि:शुल्क भोजन एवं आवास की व्यवस्था

योगी रविकांत जी ‘अपनों की कुटिया’ के संस्थापक हैं—एक अद्वितीय आध्यात्मिक आश्रम जो सच्चे साधकों और सत्य की खोज करने वालों हेतु निर्मित किया गया है। यह संभवतः विश्व का पहला ऐसा आश्रम है जहाँ वास्तविक साधकों को बिना किसी सांसारिक बाध्यता के—7 दिनों से लेकर संपूर्ण जीवन तक—केवल आध्यात्मिक उन्नति और मुक्ति की दिशा में कार्य करने हेतु आमंत्रित किया जाता है। यहाँ एक जीवित आत्मज्ञानी गुरु का प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और आत्म-रूपांतरण हेतु शांत वातावरण प्राप्त होता है।

अटल नियम

“रहो तो साधो.”

अनिवार्य सूचना

महत्वपूर्ण सूचना: यदि आश्रम के उपरोक्त नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो साधक को तुरंत कुटिया छोड़नी होगी। | साधना हेतु न्यूनतम 7 दिनों का प्रवास अनिवार्य है।

पवित्र आज्ञाएँ

आश्रम के नियम

01

साधक को सर्वप्रथम 'अपनों की कुटिया' में उपलब्ध व्यक्तिगत विवरण फॉर्म भरना अनिवार्य है। फॉर्म में उल्लेखित परिवार के सदस्य से प्रबंधन की बातचीत होना आवश्यक है।

02

कुटिया में साधना की संपूर्ण अवधि के दौरान साधक को अपना मोबाइल फोन पूर्णतः बंद रखना होगा।

03

साधक केवल वास्तविक आध्यात्मिक प्रश्नों के साथ ही 'अपनों की कुटिया' में रह सकते हैं।

04

साधक को किसी अन्य से बात करने या मुस्कुराने की सख्त मनाही है। (नोट: अति आवश्यक होने पर केवल प्रबंधक से बात की जा सकती है।)

05

दैनिक नित्यकर्म पूर्ण करने के पश्चात्, साधक को आसन बिछाकर आत्म-चिंतन हेतु वटवृक्ष के नीचे बैठना होगा।

06

साधक को केवल अल्पाहार एवं भोजन के समय ही हॉल में प्रवेश करने की अनुमति है।

07

साधक को अपने साथ बाहर की कोई भी खाद्य सामग्री लाने की अनुमति नहीं है।

08

कुटिया छोड़ने से पूर्व साधक को अपने द्वारा उपयोग की गई चटाई, आसन और कंबल को स्वयं धोना होगा।

09

प्रबंधक की अनुमति के बिना साधक को नर्मदा नदी के तट पर जाने की अनुमति नहीं है। (नोट: अनुमति केवल प्रबंधक से ही ली जानी चाहिए।)

10

साधक को अनिवार्य रूप से कुटिया के परिसर के भीतर ही रहना होगा।

11

साधक को अपना पर्स, फोन, कीमती सामान आदि कुटिया के लॉकर में रखना होगा और चाबी अपनी जिम्मेदारी पर रखनी होगी। (नोट: प्रबंधन किसी भी सामान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।)

12

साधक को केवल आत्म-चिंतन करना होगा और किसी भी बाह्य क्रिया जैसे माला-जप, शास्त्र-अध्ययन, डायरी लेखन आदि में संलग्न नहीं होना है।

13

योगी जी के चरण स्पर्श करना या उनसे बातचीत करना सख्त मना है। (नोट: आप केवल सत्संग के दौरान ही अपने आध्यात्मिक प्रश्न पूछ सकते हैं।)

भौतिक स्थान

ग्राम अदलपुरा, पोस्ट चीचली निमरानी,
तहसील कसरावद, जिला खरगोन,
पश्चिम निमाड़, मध्य प्रदेश

पिन कोड: 451660

दूरभाष

ईमेल

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